CG NEWS: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े कथित दैहिक शोषण और आर्थिक लेनदेन के मामले ने उस वक्त नया रूप ले लिया जब दुष्कर्म के आरोपी कारोबारी ने वीडियो जारी कर भाजपा नेत्री पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में साफ दिखता है कि जब कारोबारी अपना पक्ष रख रहे थे और भाजपा नेत्री पर कोयला ठेका दिलाने के नाम पर 80 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया तो उनकी आंखें भी नम हो गईं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है।
सुबह से ही यह चर्चा जोरों पर थी कि भाजपा नेत्री दुष्कर्म की शिकार हुई हैं और कारोबारी ने उन्हें आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया है। लेकिन कारोबारी का वीडियो सामने आने के बाद पूरा मामला पलट गया। वीडियो में कारोबारी कहते सुनाई दे रहे हैं कि पिछले सात महीनों से दोनों के बीच आमने-सामने कोई मुलाकात नहीं हुई, केवल फोन पर कारोबारी बातचीत होती रही और जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तभी भाजपा नेत्री ने यह शर्मनाक कदम उठाया।
इस पूरे मामले को लेकर जितनी हलचल विपक्ष में है, उससे कहीं ज्यादा सरगर्मी भाजपा के सत्ता और संगठन के भीतर देखी जा रही है। कई नेता और कार्यकर्ता निजी बातचीत में इस घटनाक्रम पर अलग-अलग आशंकाएं और सवाल उठा रहे हैं, हालांकि सार्वजनिक रूप से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
भाजपा नेत्री की एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर उनकी प्रोफाइल देखने की होड़ लग गई है। उनके फेसबुक अकाउंट पर कई प्रभावशाली नेताओं, सामाजिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं। उन्होंने अपनी प्रोफाइल में खुद को विभिन्न राष्ट्रीय संगठनों और पर्यावरण मंचों से जुड़ा बताया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार वे कई वर्षों से सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ गतिविधियों के जरिए सक्रिय नेटवर्क तैयार करती रही हैं। साथ ही वे लंबे समय से कोटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा संगठन के सामने जताती रही हैं।
कोयला ठेका दिलाने के नाम पर राजनीतिक पहुंच का दिलाया था भरोसा
मामले में नया मोड़ तब आया जब रांची निवासी कारोबारी और कोयला ठेकेदार संजय सिंह का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनका और पीड़िता का परिचय कारोबारी और सामाजिक संपर्कों के जरिए हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कोल माइंस से जुड़े ठेके दिलाने के नाम पर उनसे करीब 80 लाख रुपये लिए गए। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान अभिषेक सिंह, अलका सिंह और तड़का देव सिंह जैसे नामों का हवाला देकर कोल माइंस और ठेका दिलाने की बात कही गई थी। भाजपा नेत्री ने बिलासपुर सिविल लाइन थाने में संजय सिंह के खिलाफ ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दैहिक शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद बिलासपुर पुलिस की टीम रांची पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद ही यह वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ दे दिया।
पढ़िए वीडियो में संजय सिंह ने क्या कहा
वीडियो में संजय सिंह ने कहा कि उन पर लगाए गए ढाई करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब सात महीनों से दोनों के बीच आमने-सामने कोई मुलाकात नहीं हुई और केवल फोन पर बातचीत होती रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने महीनों से कोई व्यक्तिगत संपर्क ही नहीं था तो दैहिक शोषण का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। संजय सिंह ने वीडियो में यह भी कहा कि वे लगातार अपनी रकम वापस मांग रहे थे। उनके अनुसार 21 तारीख को रायपुर में फोन पर बातचीत हुई जहां उन्हें भरोसा दिया गया कि पैसा लौटा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद कुछ लोग थार वाहन से पहुंचे, बैंक अकाउंट नंबर लिया गया लेकिन बाद में मोबाइल बंद कर दिया गया और रकम वापस नहीं की गई। वीडियो में उन्होंने खुद को परेशान बताते हुए कहा कि आर्थिक विवाद के बाद उन पर झूठे और गंभीर आरोप मढ़े गए हैं।