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शराब घोटाला केस में बड़ा मोड़: हाई कोर्ट से चैतन्य बघेल को जमानत

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बिलासपुर। शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने चैतन्य बघेल को EOW-ACB और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामलों में जमानत दे दी है। चैतन्य बघेल पिछले करीब 6 महीनों से न्यायिक हिरासत में थे।

बिलासपुर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों एजेंसियों के मामलों में जमानत मंजूर की। इससे पहले चैतन्य बघेल और भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां उन्होंने CBI और ED की जांच की अधिकारिता को चुनौती दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि पीएमएलए कानून की वैधानिकता को चुनौती देनी है, तो उसके लिए अलग याचिका दाखिल करनी होगी।

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गौरतलब है कि 18 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय ने भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से जुड़े धन के प्रवाह और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) में शामिल होने का आरोप लगाया था।

ईडी की चार्जशीट में क्या आरोप

तीन दिन पहले ईडी ने स्पेशल कोर्ट में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी, जिसमें चैतन्य बघेल को कथित आबकारी सिंडिकेट का अहम हिस्सा बताया गया है। ईडी के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ की शराब नीति का दुरुपयोग कर एक संगठित आपराधिक गिरोह ने बड़े पैमाने पर अवैध शराब बिक्री, नकली होलोग्राम और कमीशन वसूली का नेटवर्क खड़ा किया।

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ईडी की चार्जशीट में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, अनवर ढेबर, कवासी लखमा, सौम्या चौरसिया और निरंजन दास सहित कई नाम शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए नीति में हेरफेर कर निजी लाभ कमाया गया और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।


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