Sushasan Tihar: रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू हुए “सुशासन तिहार” के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को परखने के लिए औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अचानक किसी भी जिले में उतर सकते हैं, जिससे पूरे प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
अफसरों को सख्त संदेश, “जनता की सुनो”
तिहार शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को समझने और समाधान करने का माध्यम है। उन्होंने दो टूक कहा था कि अधिकारी “सुनाएं नहीं, सुनें” और हर शिकायत पर गंभीरता से काम करें। अब इसी निर्देश की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री खुद मैदान में उतर गए हैं। वे यह देखेंगे कि शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याएं वास्तव में सुनी जा रही हैं या नहीं और उनका समाधान हो रहा है या नहीं।

हेलीकॉप्टर कहीं भी उतर सकता है
मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण को लेकर अधिकारियों में खासा दबाव है। किसी भी समय उनका हेलीकॉप्टर किसी भी जिले या गांव में उतर सकता है। इस वजह से कलेक्टरों से लेकर मैदानी कर्मचारियों तक सभी को शिविरों में उपस्थित रहने, लोगों से सीधे संवाद करने और समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में चौपाल, सीधे संवाद करेंगे CM
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद भी करेंगे। वे सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति, लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं और अधिकारियों के व्यवहार पर सीधे सवाल करेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज का वास्तविक फीडबैक मिलेगा।

किसानों और राजस्व मामलों पर खास फोकस
राज्य सरकार का मुख्य फोकस इस अभियान में किसानों और राजस्व से जुड़े मामलों पर है। सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री इन मुद्दों की भी समीक्षा करेंगे और ग्रामीणों से सीधे जानकारी लेंगे।
लापरवाही पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज
सूत्रों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई भी की जा सकती है। मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से पूरे प्रशासनिक अमले में सतर्कता और सक्रियता साफ दिखाई दे रही है।