बिलासपुर। गेवरा मेमू पैसेंटर ट्रेन की असिस्टेंट लोको पायलट ने मौत से बाजी जीत ली है। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। रेलवे सेफ्टी से जुड़े अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया है। रश्मि ने बताया, कैब के सामने लगा पर्दा अचानक गिर गया। जब तक पर्दा को उठाती,सामने मालगाड़ी के रूप में मौत खड़ी थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाई, पर पैसेंजर ट्रेन सीधे मालगाड़ी से जा टकराई। रश्मि ने अपने बयान में यह भी बताई कि एडवांस सिग्नल सिंगलयलो था। रश्मि ने यह भी बताया कि इसके बाद के सिग्नल के बारे में मास्टर ने बताया कि ओके है। बहरहाल रेलवे ने इस हादसे के लिए असिस्टेंट लोको पायलट को जिम्मेदार ठहराते हुए सस्पेंड कर दिया है।
सीआरएस बीके मिश्रा हादसे की जांच कर कोलकाता लौट गए हैं। हाल ही में रेलवे सेफ्टी विभाग से जुड़े अफसरों को बयान लेने के लिए कोलकाता बुलाया गया। 14 नवंबर को रेलवे के सेफ्टी विभाग से जुड़े अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज से पूछताछ की और बयान दर्ज किए। जानकारी के मुताबिक, रश्मि राज ने अपने बयान में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले एडवांस सिग्नल ‘सिंगल यलो’ था।
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इसके बाद आने वाले सिग्नल के बारे में मास्टर ने उन्हें बताया था कि ‘सिग्नल ओके है।’ इसी दौरान लोको कैब में सामने लगा सनलाइट पर्दा अचानक गिर गया। उसे हटाने के लिए उन्होंने हाथ बढ़ाया और उसी क्षण सामने खड़ी मालगाड़ी दिखाई दी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक दबाया, लेकिन दूरी कम होने के कारण ट्रेन रुक नहीं सकी। संरक्षा अधिकारियों ने असिस्टेंट लोको पायलट से सिग्नलिंग, गति, दृश्यता और कैब की स्थिति को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनके जवाब दर्ज कर लिए गए हैं। इस बयान को जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हादसे के दौरान की एकमात्र चश्मदीद गवाह है रश्मि।
असिस्टेंट लोको पायलट सस्पेंड, रेलवे ने की कार्रवाई
पैसेंजर ट्रेन की असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज को रेलवे ने सस्पेंड कर दिया है। रेल अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रश्मि का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है, पर अभी भी उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल से अभी डिस्चार्ज नहीं हुई है।
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ट्रेन एक्सीडेंट
4 नवंबर की अपरान्ह 4 बजे गेवरारोड से बिलासपुर आ रही मेमू लोकल ट्रेन लालखदान में अप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी की ब्रेकयान से सीधे टकरा गई थी। 48 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही ट्रेन ने मालगाड़ी से सीधे टकरा गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू का इंजन ब्रेकयान को धकेलते हुए कोयला भरे वैगन पर चढ़ गया। हादसे में लोको पायलट विद्यासागर सहित 12 यात्रियों की मौत हो गई थी। दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हुए थे।








