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उच्च शिक्षा विभाग ने पदोन्नत प्राध्यापकों की अनंतिम पुनरीक्षित वरिष्ठता सूची जारी कर दी है।

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रायपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने पदोन्नत प्राध्यापक संवर्ग की अनंतिम पुनरीक्षित वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। यह सूची विभाग द्वारा पूर्व में जारी पुनरीक्षित पदोन्नति आदेशों के आधार पर तैयार की गई है।

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत उन प्राध्यापकों की यह अनंतिम वरिष्ठता सूची जारी की गई है, जिन्हें सहायक प्राध्यापक संवर्ग से पदोन्नत कर प्राध्यापक बनाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता निर्धारण की यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है। पुनरीक्षित पदोन्नति आदेश के परिप्रेक्ष्य में वरिष्ठता सूची का निर्धारण 01 अप्रैल 2017 तथा उसी क्रम में 01 अप्रैल 2023 की स्थिति के अनुसार किया गया है। वरिष्ठता निर्धारण के लिए छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग के 04 मार्च 2008 के पत्र और छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सेवा भर्ती नियम, 1990 के अनुसूची-चार में दिए गए प्रावधानों का पालन किया गया है।

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उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सूची अनंतिम है। यदि किसी पदोन्नत प्राध्यापक को वरिष्ठता क्रम को लेकर कोई आपत्ति या दावा प्रस्तुत करना है, तो वह निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त आपत्तियों के परीक्षण के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची जारी की जाएगी।

इन आधारों पर तय की गई वरिष्ठता

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  • लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक प्राध्यापकों के लिए चयन वर्ष को वरिष्ठता का मुख्य आधार माना गया है।
  • एक ही विषय और एक ही चयन वर्ष होने की स्थिति में चयन सूची के क्रम को आधार बनाया गया है।
  • भिन्न विषयों में एक ही वर्ष होने पर पदोन्नति आदेश की तिथि, और यदि आदेश की तिथि समान हो तो कार्यभार ग्रहण करने की तिथि को आधार माना गया है।
  • कार्यभार ग्रहण की तिथि समान होने की स्थिति में जन्म तिथि को वरिष्ठता निर्धारण का आधार बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त, संविलियन के माध्यम से आए प्राध्यापकों के लिए संविलियन की तिथि, तथा तदर्थ से नियमित किए गए सहायक प्राध्यापकों के लिए नियमितीकरण की तिथि को वरिष्ठता का आधार माना गया है। एक ही तिथि को नियमित किए गए मामलों में आपसी वरिष्ठता के लिए जन्म तिथि को मान्य किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत है तथा अंतिम वरिष्ठता सूची सभी आपत्तियों के निराकरण के बाद ही जारी की जाएगी।

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