बिलासपुर। एसआईआर में आई बड़ी गड़बड़ी के उजागर होने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने अपनी गलती सुधारते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व नर्मदा नगर निवासी विजय केशरवानी का नाम नर्मदा नगर के मतदाता सूची में शामिल कर दिया है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने इस संबंध में सूचना भी दे दी है। इस बीच एक बार फिर राजनीति गरमाने लगी है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने शहर जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर के बयाने को आड़ेहाथों लेते हुए कहा कि आयोग के साथ मिलकर भाजपा का वोट चोरी का यह गोरखधंधा जनता के सामने आ गया है। अधूरी वोट चोरी की कहानी को अब दूसरे रंग में रंगने की कोशिश भाजपा कर रही है। जनता के दरबार में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।
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पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि शहर जिला भाजपाध्यक्ष किस मुंह से यह इपिक नंबर की बात कह रहे हैं,यह समझ से परे है। अगर इपिक नंबर गलत है या फिर उनका नाम नर्मदा नगर बिलासपुर की मतदाता सूची से भिलाई के वार्ड क्रमांक 54 की सूची में शामिल कर दिया गया था तो इसकी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन कार्यालय की है कि वे बताए कि इपिक नंबर उनके नाम के साथ कैसे और किस तरह जुड़ा। बीएलओ की व्यवस्था अगर है तो क्या बीएलओ ऐसे ही काम कर रहे हैं। शहर जिलाभाजपा अध्यक्ष ने बड़ा मुद्दा उठाया है। मेरा नाम जब नर्मदा नगर की मतदाता सूची से डिलीट कर भिलाई नगर के वार्ड में जोड़ा गया तब इपिक नंबर किसका शामिल कर दिया। क्या पूरे छत्तीसगढ़ में भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर इसी तरह का फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा है।

नाम किसी का और इपिक नंबर किसी और का। मतलब साफ है कि भाजपा और चुनाव आयोग की मंशा साफ नहीं है। मतदाता सूची से नाम डिलीट करो और जहां मन करे वहां की सूची में नाम को डाल दो। इपिक नंबर भी अपने हिसाब से लिख दो। बाकी मतदाता जाने। एसआईआर में क्या इसी तरह का गफलत किया जा रहा है। अगर ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर लापरवाही है। इससे तो यही लगता है कि बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और प्रतिबद्ध मतदाताओं को चुन-चुनकर इधर से उधर कर दिया जाएगा।

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कलेक्टर से की शिकायत, एकजुट नजर आए कांग्रेसी
एसआईआर में की जा रही गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री की अगुवाई में कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचा। पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि वे बचपन से बिलासपुर में निवासरत हैद्ध उनकी शिक्षा, बिलासपुर में हुई है और एक मतदाता के रूप में बिलासपुर विधानसभा के वोटर लिस्ट में उनका और उनके परिवार का नाम रहा है। बीते विधानसभा, लोकसभा और नगर निगम चुनाव में बिलासपुर वोटिंग में किया है, जबकि एसआईआर फार्म भरने के लिए बिलासपुर के वोटर लिस्ट 2003 का अवलोकन किया तो उनका नाम नहीं मिला और जो भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 54 के मतदाता सूची में पाया गया, जबकि विजय केशरवानी कभी भी बिलासपुर के अतिरिक्त अन्य जगह पर वोट नहीं किया है। इसके बाद भी उसका नाम भिलाई नगर विधानसभा के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। विजय सहित समूचे कांग्रेसजनों ने इस गड़बड़ी की जांच की मांग की।
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कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन
कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी ने गड़बड़ी की जांच कराने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कांग्रेसजनों से रायपुर सीईओ कार्यालय को शिकायत पत्र भेजते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ड के पार्षद भी पहुंचे थे। पार्षदों ने माेहल्लों में किए जा रहे एसआईआर में आ रही दिक्कतों का हवाला दिया और जरुरी सुधार की बात कही। प्रतिनिधि मंडल में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के वर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों के अलावा ब्लाक अध्यक्ष व पार्षदों की मौजूदगी रही। एसआईआर पर चर्चा के दौरान कांग्रेसजन एकजुट नजर आए।








