विवादित डीईओ को निलंबन से बचाने के बाद आपाधापी में जारी कर दिया पदस्थापना आदेश
Share on

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में जो ना हो वह कम ही है। विभाग में बैठे खटराल अफसरन ने सारंगढ़ जे निलम्बित डीईओ की बहाली के लिए खेला करने बाद पीएमश्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य के पद पर आदेश जारी कर दिया। इस आपाधापी ने अफ़सरों की पोल खोलकर रख दी है। यहां पहले से ही प्रतिनियुक्ति पर प्रिंसिपल पदस्थ हैं। प्रिंसिपल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र का हवाला देते हुए मार्गदर्शन मांगा है।

Also Read – शिक्षक ने पकड़ी प्रिंसिपल की गिरेबां: मामला पहुंचा थाने, डीईओ से भी शिकायत

पीएमश्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य सुदीप्त प्रधान ने कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश का हवाला देते हुए बताया है, उनकी नियुक्ति स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के तहत प्रतिनियुक्ति पर प्राचार्य पद पर पीएमश्री सेजेस विद्यालय सारंगढ में इंटरव्यू के माध्यम से हुआ है। प्रतिनियुक्ति अवधि अप्रैल 2026 तक है। जबकि राज्य शासन द्वारा एलपी. पटेल को इस विद्यालय में प्राचार्य के पद पर 06.अक्टूबर.2025 को पदांकन की गई है तथा मेरे लिए पृथक से किसी भी प्रकार का आदेश आज पर्यंत तक जारी नहीं हुआ है। अतः एलपी. पटेल को प्राचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण कराने के संबंध में मुझे उचित दिशा निर्देश प्रदान करे तथा मेरी प्रतिनियुक्ति अवधि शेष होने के कारण मुझे प्राचार्य पद पर निरंतर कार्य करने हेतु अनुमति प्रदान करने की कृपा करेंगे।

अफसरों ने दबा दी निलंबन की फ़ाइल ही

विवादों से घिरे सारंगढ़- बिलाईगढ के तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एलपी. पटेल को निलंबन से बचाने के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों ने बड़ा खेला कर दिया है। निलंबन के बाद नियमानुसार 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र जारी करना था। अफसरों ने निलंबन की फ़ाइल ही दबा दी। इसका फ़ायदा पटेल को मिला और निलंबन से बहाली हो गई। तत्कालीन डीईओ एलपी पटेल को कलेक्टर के आदेश की नाफ़रमानी के आरोप में स्पेंड किया गया था।

Also Read – सिकरेट्री की नाराजगी पड़ी भारी, पीएमश्री स्कूल की प्राचार्य निलंबित

ये था मामला

छग माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा एवं हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2025 हेतु जिले में स्थित परीक्षा केन्द्रो के सघन निरीक्षण हेतु गठित उड़नदस्ता दल में कलेक्टर के बिना अनुमोदन, निर्देश प्राप्त किये बिना उड़नदस्ता दल में परिवर्तन, संशोधन करने के आरोप में सारंगढ़-बिलाईगढ के तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एलपी. पटेल को निलम्बित कर दिया था।

आरोप पत्र ही नही दिया, हो गई बहाली

स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि एलपी. पटेल, तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ द्वारा छग माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा एवं हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2025 हेतु जिले में स्थित परीक्षा केन्द्रो के सघन निरीक्षण हेतु गठित उड़नदस्ता दल में कलेक्टर के बिना अनुमोदन, निर्देश प्राप्त किये बिना उड़नदस्ता दल में परिवर्तन, संशोधन किये जाने पर आचरण नियम-1965 के नियम-03 के विपरीत होने पर छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत् एलपी पटेल को तत्काल निलंबित करते हुए मुख्यालय कार्या. संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग, बिलासपुर नियत किया गया। निलंबन आदेश उपरांत निर्धारित समयावधि (90 दिवस) में आरोप पत्रादि जारी नहीं होने से निलंबन आदेश निरस्त हो गया है। इसी आदेश में पटेल को पीएमश्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य पड़ पर नियुक्ति दी गई है।

Also Read – रिटायर्ड शिक्षकों के पेंशन में अड़ंगे लगाने वाले सहायक संचालक को राज्य शासन ने किया निलंबित


Share on

Related Posts

CG High Court News: बगैर मान्यता, स्कूलों ने एडमिशन के लिए जारी किया विज्ञापन: नाराज हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से शपथ पत्र के साथ मांगा जवाब।

Share on

Share onCG High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गजब हो रहा है। बिना मान्यता वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में एडमिशन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जा रहा है। हाई


Share on
Read More

CG Transfer News: छत्तीसगढ़ बलरामपुर जिले में राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 58 पटवारियों का एक साथ तबादला आदेश जारी किया है।

Share on

Share onCG Transfer News: बलरामपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए एक


Share on
Read More

बड़ी खबर

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, सरकारी कर्मचारी को बिना विभागीय जांच के सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। बर्खास्तगी से पहले विभागीय जांच का आदेश जारी करना और संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष का पर्याप्त अवसर देना होगा।

Read More »

About Civil India

© 2025 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited

error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!