जशपुर। जशपुर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय शराब तस्कर गिरोह को बेनकाब किया था। इस मामले में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के ग्राम थानेसर निवासी कर्ण उर्फ बाबू शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी डीजल के ऑनलाइन भुगतान सिस्टम का इस्तेमाल कर ट्रकों में शराब की तस्करी को अंजाम देता था। यह नेटवर्क पेमेंट गेटवे की जांच के दौरान पकड़ में आया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले पंजाब और चंडीगढ़ से बिहार तक अंग्रेजी शराब की तस्करी करते हुए चार ट्रक पकड़े गए, जिनमें कुल 2,734 कार्टून यानी 24,440 लीटर अवैध शराब जब्त हुई। जशपुर पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(1) और 34(2) के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी थी।
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एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूरे मामले की एंड टू एंड जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि पहले ही गिरोह के पांच अन्य सदस्य गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना है। गिरफ्तार आरोपी कर्ण शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह 2023 में हरियाणा के सोनीपत में शराब दुकान में सेल्समैन था। 2024 में ठेका बंद होने के बाद वह अपने गांव लौट आया और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पेट्रोल पंप में डीजल का भुगतान कर तस्करी नेटवर्क में शामिल हो गया। आरोपी के मुताबिक वह व्हाट्सएप के जरिए QR कोड भेजकर पेट्रोल पंपों से भुगतान करवाता था, और इसके बदले कमीशन के रूप में रकम लेता था।

तस्करी की बनाई थी प्लानिंग
ट्रक पहले रांची तक पहुंचता, वहां चालक को नकद भुगतान किया जाता था। ट्रक वहीं छोड़ देते थे। इसके बाद दूसरा व्यक्ति ट्रक लेकर बिहार तक लेकर पहुंचता था। ज्यादातर गांव के रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था, जहां चेकिंग कम होती है। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि, सभी प्रकरणों में शराब तस्करों के द्वारा एक ही पैटर्न अपनाते हुए, पंजाब, चंडीगढ़ ने अवैध रूप से अंग्रेजी शराब को खपाने के लिए बिहार ले जाया जा रहा था, सभी मामलों में ट्रक के चालकों को माल भरा हुआ ट्रक लेकर रांची झारखंड तक आना होता था, वहां ट्रक चालकों को तय सौदे के अनुसार रुपए कैश में दिए जाते थे, फिर ट्रक चालक, तस्करी के ट्रक को रांची में छोड़कर वापस आ जाता था।
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कोई अन्य व्यक्ति ट्रक को लेकर बिहार जाता था। आरोपी तस्करों के द्वारा ऐसे रास्तों का उपयोग किया जाता था, जहां चेकिंग पॉइंट कम हो, अधिकांशतः ग्रामीण रास्तों का उपयोग किया जाता था। पुलिस ने पूरे नेक्सेस को तोड़कर आरोपियों की गिरफ्तारी का अभियान चलाया हुआ है। पहले पांच आरोपियों के बाद अब छठवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक एसन पाल, आरक्षक अविनाश लकड़ा और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस पूरे मामले की पूर्ण पड़ताल में जुटी है और अन्य आरोपी तस्करों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी रखे हुए है।








