CSMCL SCAM: रायपुर। छत्तीसगढ़ में CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से जुड़े ओवरटाइम भुगतान घोटाले में बड़ा एक्शन हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को 11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके।
जांच एजेंसियां अब फर्जी बिलिंग, कमीशन के लेन-देन, रकम के इस्तेमाल और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को खंगालेंगी। शुरुआती जांच के आधार पर इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
115 करोड़ के भुगतान में गड़बड़ी
जांच में सामने आया है कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। आरोप है कि इस रकम के लिए फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार किए गए। यह पैसा कर्मचारियों को देने के बजाय कथित तौर पर अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कमीशन के रूप में बांटा गया।
फर्जी बिलिंग और कमीशन का खेल
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ओवरटाइम कार्य के नाम पर प्रस्तुत बिलों में वास्तविक काम और कर्मचारियों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड नहीं था। कई मामलों में कागजों पर काम दिखाकर राशि निकाली गई। बताया जा रहा है कि एजेंसियों ने इस रकम का एक बड़ा हिस्सा खुद रख लिया, जबकि बाकी राशि कथित रूप से सिस्टम में जुड़े लोगों के बीच बांटी गई।
7 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें मैनपावर एजेंसियों के संचालक और प्रतिनिधि शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग कंपनियों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
ED इनपुट से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नवंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इसके बाद राज्य स्तर पर जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरा नेटवर्क सामने आया।
आगे और खुलासे संभव
जांच एजेंसियों का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।