CG Teacher News: रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में कई अहम सुझाव रखते हुए मांग की है कि आयोग की सिफारिशों को राज्य में भी लागू किया जाए। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने ईमेल के जरिए आयोग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
फेडरेशन ने वेतन संरचना में बड़ा बदलाव सुझाते हुए कहा है कि 7वें वेतनमान में लागू 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 या 3.83 किया जाए। उनका कहना है कि यदि यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
DA मर्ज और अंतरिम राहत का सुझाव
फेडरेशन ने महंगाई भत्ता (DA) के संबंध में भी अहम सुझाव दिया है। वर्तमान में करीब 60 प्रतिशत DA मिल रहा है, जिसमें से 50 प्रतिशत को मूल वेतन में जोड़ने की मांग की गई है। साथ ही आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने तक कर्मचारियों को अंतरिम राहत देने की भी बात कही गई है।
वेतन वृद्धि और भत्तों में सुधार
प्रस्ताव में वार्षिक वेतन वृद्धि को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की मांग की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई के साथ आय संतुलित रह सके। इसके अलावा HRA को बढ़ाकर X, Y और Z श्रेणियों में क्रमशः 40%, 35% और 30% करने, तथा कर्मचारियों को डिजिटल कार्यों के लिए हर महीने इंटरनेट भत्ता देने का सुझाव भी शामिल है।
OPS बहाली और पेंशन सुधार
फेडरेशन ने नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग दोहराई है। साथ ही न्यूनतम पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी सीमा को बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पदोन्नति और भर्ती पर जोर
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि संविदा नियुक्तियों की जगह नियमित पदों को प्राथमिकता दी जाए और कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान कम से कम तीन पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
राज्य में भी लागू हों सिफारिशें
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा जो भी वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी, उन्हें छत्तीसगढ़ में भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। इससे राज्य के कर्मचारियों और शिक्षकों को बेहतर वेतन और सुविधाएं मिल सकेंगी।