CG NEWS बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भाजपा नेत्री के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि झारखंड के रांची निवासी व्यापारी संजय सिंह ने उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने माइनिंग कारोबार में निवेश का प्रलोभन देकर नेत्री से घनिष्ठता बढ़ाई थी। महिला की शिकायत पर पुलिस ने कारोबारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया है। आज दुष्कर्म के आरोपी कारोबारी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पढ़िए पीड़िता ने पुलिस में क्या दर्ज कराई शिकायत
मेरा पेशा व्यापार और सक्रिय राजनीति है। संजय सिंह ने 2021-22 में फेसबुक के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की और मेरे कुछ परिचितों के जरिए मुझसे जुड़ा। संजय सिंह ने बताया कि उनका कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय है और कुछ परिचितों का ट्रांसपोर्ट व कोयले का कारोबार है। उनकी बातें सुनकर मुझे भी सही लगा कि यह एक व्यापारी है और मैंने व्यापार के लिए अपनी सहमति दे दी। करीब 22 महीनों में से एक साल तक हमारे बीच व्यापारिक और पारिवारिक बातचीत होती रही।
सेंट्रल पाइंट होटल में हुई पहली मुलाकात
अगस्त 2024 में सेंट्रल पाइंट परसदा हाई कोर्ट के पास स्थित होटल में पहली बैठक हुई, जिसमें व्यापारिक बिंदुओं पर चर्चा हुई। उस बैठक में सब कुछ ठीक-ठाक लगा और मैंने व्यापारिक अनुबंधों के लिए सहमति दे दी। संजय सिंह ने मुझ पर भरोसा जमाने के लिए दिसंबर 2024 में के खाते से मेरे अकाउंट में 15 लाख रुपये व्यापारिक सिक्योरिटी के रूप में ट्रांसफर किए। पीड़िता ने बताया कि उनकी कंपनी सिद्धि विनायक का व्यापारिक अकाउंट उस समय प्रक्रिया में था, इसलिए जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक करीब एक साल में उनके द्वारा सात किश्तों में 1 करोड़ 57 लाख रुपये नकद दिए गए। व्यापारिक मुनाफे के नाम पर कई अलग-अलग खातों से उनके अकाउंट में रकम ट्रांसफर की जाती रही, यह कहते हुए कि कंपनी का जीएसटी नहीं मिला इसलिए पैसा आपके खाते में डाल रहा हूं।
भोजपुरी के अश्लील वीडियो भेजने लगा व्हाट्सएप पर
पारिवारिक बातचीत के बीच संजय सिंह ने मुझे व्हाट्सएप पर भोजपुरी के अश्लील वीडियो भेजने शुरू कर दिए। जब आपत्ति जताई तो बोला, तुम भी अब परिवार की हो, तो यह सब चलता है। इस बीच वह मिलने के लिए बिलासपुर आने लगा और यहां आसपास प्रॉपर्टी में निवेश की बात करता था। कुछ लोगों के नंबर मांगे तो मैंने प्रॉपर्टी डील करने वाले कुछ लोगों के नंबर दे दिए। इसके बाद जब भी वह बिलासपुर आता तो कहता, यह प्रॉपर्टी देखी है, वो देखी है, तुम आओ और बताओ कि जगह सही है या नहीं। एक-दो बार मैं गई भी अपनी गाड़ी से। मुझ पर काफी दबाव डाला जाता था और साथ ही संजय कई बार व्यापार से संबंधित नकद लेने भी आता था। चूंकि हर बार बिलासपुर में व्यापारिक बातचीत और पैसों का लेनदेन होता था, इसलिए मैं ज्यादा आपत्ति नहीं कर पाती थी।
रायपुर से दोनों एक साथ बिलासपुर के लिए रवाना
रायपुर से निकलने के बाद पहला हल्दीराम रेस्टोरेंट पड़ा, जहां संजय सिंह ने मेरी गाड़ी को रुकने का इशारा किया और चाय-नाश्ते का प्रस्ताव रखा। उनकी कार में ड्राइवर समेत 4 लोग थे और मैं अपने ड्राइवर के साथ थी। चाय-नाश्ते में देरी होने पर संजय सिंह ने कहा कि तब तक आप मेरी गाड़ी में धीरे-धीरे साथ चलिए, बाकी लोग पीछे से आ जाएंगे। मुझे ठीक लगा और मैं उनकी कार में बैठ गई। संजय सिंह ने कहा, मोपका-सीपत के पास कुछ प्रॉपर्टी देखी है, चलकर बताइए एरिया ठीक है या नहीं। मेरा पर्स और फोन मेरी अपनी गाड़ी में थे, इसलिए मैं ज्यादा कुछ बोल नहीं सकी।
कार में पहली बार की अश्लील हरकत
बिलासपुर के पास से ही चलती कार में बैठे-बैठे उसने मेरे प्राइवेट पार्ट को छूते हुए गलत हरकत शुरू कर दी। मेरे मना करने के बावजूद वह नहीं माना और जबरदस्ती करता रहा। गाड़ी चलते-चलते वह कभी जांघ पर और कभी जबरदस्ती सीने पर हाथ रखता रहा। तब तक गाड़ी आरटीओ के पास सुनसान इलाके में पहुंच चुकी थी। मेरे कहने पर ड्राइवर ने गाड़ी रोकी और तुरंत बाहर निकल गया।
पहली बार कार में बनाया जबरन शारीरिक संबंध, फिर लगातार आते रहे कॉल
शिकायतकर्ता ने बताया कि विरोध करने के बावजूद संजय सिंह ने कार के अंदर ही जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। रोने-चिल्लाने के बाद उसने ड्राइवर को बुलाया और मेन रोड पर ऑटो बुलाकर पता बताकर मुझे भेज दिया। इसके बाद भी उसके कॉल लगातार आते रहे। बातचीत में संजय सिंह समझाता रहा कि यह सब भूल जाओ, नहीं तो व्यापार से भी हाथ धोना पड़ेगा और राजनीतिक छवि भी खराब होगी। उस दिन के बाद मैंने तय कर लिया कि आगे उसके साथ काम नहीं करना है, लेकिन इतना पैसा लग चुका था कि सिर्फ रकम वापस पाना ही मकसद रह गया था।
लोकलाज के डर से बात करती रही, कार खरीदने की रकम भी नहीं लौटाई
लोकलाज के भय से व्यापारिक बातचीत जारी रही। संजय सिंह अश्लील भोजपुरी वीडियो भेजने लगा और जब भी पैसों की बात करती तो कहता कि पैसा तभी मिलेगा जब कुछ और दोगी। बिहार चुनाव से पहले मैंने नई गाड़ी क्रिस्टा इनोवा लेने की बात की और कहा कि जो भी मेरा पैसा बन रहा है जल्दी अकाउंट में डलवा दो। मेरी ओर से 21 हजार बुकिंग अमाउंट और 50 हजार और दिए गए, लेकिन संजय सिंह ने झारखंड में अभिषेक कुमार मिश्रा के नाम पर थार गाड़ी भेज दी और कहा इसे इस्तेमाल करो। बाद में पैसे मांगे तो बोला कि वो 25 लाख आपके ही मुनाफे से लिया गया है। मैंने आपत्ति जताई और चार महीने बाद थार वापस कर दी।
संजय ने फोन कर बुलाया आसनसोल
बिहार से बिलासपुर लौटने के बाद संजय सिंह का फोन आया कि आसनसोल आना होगा, कोल माइन की स्वीकृति मिल गई है। पहले से कोल माइन के नाम पर काफी पैसा लग चुका था इसलिए जाना पड़ा। संजय सिंह ने कहा कि आसनसोल-रानीगंज में कोल माइन की पूजा कर लीजिए और कुछ पैसे भी लाने को कहा गया। साथ ही कहा कि इसके बाद स्वतंत्र रूप से काम देखने का मौका दिया जाएगा जिसमें उसका कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
ट्रेन की जगह कार से बिलासपुर छोड़ने का दिया था प्रस्ताव
11 दिसंबर 2025 को बिलासपुर से आसनसोल की ट्रेन टिकट थी। ट्रेन 7 से 9 घंटे लेट रही और 12 दिसंबर 2025 की सुबह आसनसोल पहुंची। जब संजय सिंह को देरी का पता चला तो वह होटल के कमरों की वीडियो भेजने लगा और रात भर फोन करता रहा। होटल पहुंचकर थकान का हवाला देकर मैंने कमरा अंदर से बंद कर लिया। वह भी अपने लोगों के साथ उसी होटल में रुका था। 12 दिसंबर 2025 को तैयार होकर होटल में ही 25 लाख रुपये दिए और आसनसोल से रानीगंज कोल माइन साइट की पूजा करने गए। पूजा के बाद सीधे होटल आकर पैकिंग की और आसनसोल से खड़गपुर के लिए निकल गई, जहां से बिलासपुर की वापसी टिकट थी। उस दिन संजय सिंह ने रोकने की काफी कोशिश की और कहा कि ट्रेन छूट जाए तो सड़क मार्ग से बिलासपुर छुड़वा देंगे, लेकिन मैंने ट्रेन से जाना ही सुरक्षित समझा। लौटने के बाद मैंने बातचीत काफी कम कर दी और सिर्फ काम से जुड़ी बातें करने लगी।