CG Teacher News: रायपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। 16 जून से प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी, लेकिन पहले ही दिन तकनीकी खामियों के कारण लाखों कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। इसके बाद शिक्षकों में नाराजगी बढ़ने लगी है और शिक्षक संगठनों ने व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।

पहले ही दिन तकनीकी संकट में फंसी ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था
मंगलवार को नए शैक्षणिक सत्र का पहला दिन था। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करनी थी। लेकिन सुबह से ही ऐप में तकनीकी समस्याएं सामने आने लगीं।
कई शिक्षकों ने शिकायत की कि ऐप खुल ही नहीं रहा था, जबकि कुछ स्थानों पर सर्वर डाउन होने के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी शिक्षक संगठनों और सोशल मीडिया समूहों में दी।
वेतन को लेकर बढ़ी चिंता
शिक्षकों की सबसे बड़ी चिंता वेतन को लेकर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पूर्व में स्पष्ट निर्देश जारी किया था कि ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन आहरित किया जाएगा। यदि VSK ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं होगी तो संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति शून्य मानी जाएगी।
ऐसे में पहले ही दिन तकनीकी विफलता के कारण हजारों शिक्षकों में संशय की स्थिति बन गई है। उनका कहना है कि जब ऐप ही काम नहीं कर रहा तो उनकी उपस्थिति और वेतन का क्या होगा।

शिक्षक नेताओं ने उठाए सवाल, शालेय शिक्षक संघ ने बताया अव्यवहारिक प्रयोग
शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र दुबे ने कहा कि पहले ही दिन अधिकांश शिक्षक और कर्मचारी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाए। कई स्थानों पर सर्वर डाउन रहा और ऐप ने सही तरीके से काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक ही स्कूल परिसर में मौजूद शिक्षकों की लोकेशन अलग-अलग स्थानों पर दिखाई जा रही है। किसी शिक्षक को स्कूल में तो किसी को दो से तीन किलोमीटर दूर दर्शाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उपस्थिति प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विरेंद्र दुबे ने कहा कि विभाग को पहले तकनीकी खामियां दूर करनी चाहिए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो शिक्षक संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
टीचर्स एसोसिएशन ने जताई चिंता
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि कई शिक्षकों का VSK ऐप में पंजीयन होने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी खामियों के कारण वेतन प्रभावित होता है तो शिक्षक इसका विरोध करेंगे। सरकार को पहले ऐप को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना चाहिए और उसके बाद इसे अनिवार्य करना चाहिए। शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाना उचित नहीं है।
समग्र शिक्षक फेडरेशन ने भी उठाई आपत्ति
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि VSK ऐप के माध्यम से पहले ही दिन व्यापक स्तर पर अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले तकनीकी व्यवस्था को पूरी तरह सक्षम बनाना चाहिए। बिना तैयारी के लागू की गई व्यवस्था से शिक्षकों और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ रही है। यह आदेश न तो व्यवहारिक है और न ही वर्तमान परिस्थितियों में तकनीकी रूप से उपयुक्त कहा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट
VSK ऐप की तकनीकी खामियों से जुड़े स्क्रीनशॉट और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई शिक्षकों ने दावा किया है कि ऐप उनकी वास्तविक लोकेशन नहीं दिखा रहा, जबकि कई लोग लॉगिन तक नहीं कर पाए।
पहले ही दिन सामने आई इन समस्याओं ने ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शिक्षकों और कर्मचारियों की निगाहें शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर क्या स्पष्टीकरण और समाधान प्रस्तुत करता है।