अभिनेत्री अंकिता लोखंडे-विक्की जैन के परिवार सहित तीन कोल कारोबारियों के ठिकानों पर जीएसटी का छापा

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन बड़े कोल कारोबारी के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी का बीते दो दिनों से छापामार कार्रवाई चल रही है। महावीर कोल वाशरी, फिल कोल, पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के 11 ठिकानों पर स्टेट GST की टीम ने छापा मारा है। स्टेट जीएसटी के सचिव मुकेश बंसल के निर्देश पर रायपुर की टीम ऑफिस, घर, प्लांट, वाशरी समेत कुल 11 ठिकानों पर दबिश दी है।

12 दिसंबर की सुबह से देर रात तक टीम तीनों कारोबारियों के लेनदेन और आय का रिकॉर्ड खंगालते रहे। जांच के बाद महावीर कोलवाशरी ने 10 करोड़ रुपए सरेंडर किया है। बाकी दो कारोबारियों के यहां जांच चल रही है, कार्रवाई आज भी जारी है। बता दें महावीर कोलवाशरी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और विक्की जैन के परिवार से जुड़ा है।

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अफसरों की शुरुआती जांच में कोल मिक्सिंग और अन्य कामों में इनपुट टैक्स की हेराफेरी की बात सामने आई है। कारोबारी अपने टैक्स बचाने के लिए तरह-तरह के खेल कर रहे थे। टैक्स चोरी का यह मामला करोड़ों में होने की बात कही जा रही है। बिलासपुर में रेड के दौरान जांच करने पहुंचे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। हालांकि, बताया जा रहा है कि शहर केतीन बड़े कोल कारोबारी लंबे समय से जीएसटी की डायरेक्ट निगरानी में थे। यह भी पता चला है कि इनके कारोबार का तार देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है। कारोबार से होने वाले आय की तुलना में टैक्स कम मिलने के बाद डायरेक्ट रायपुर की टीम ने कारोबारियों घर रेड की है। जानकारी के मुताबिक, अफसरों ने कोयले में मिक्सिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तत्वों की खरीदी-बिक्री संबंधी सारी जानकारी कारोबारियों से ली है। लेकिन इनकी मात्रा का मिलान नहीं हो सका है। मात्रा का मिलान होने के बाद टैक्स चोरी के आकड़े सार्वजनिक किए जाने की बात कही, कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी की टीम ने दबिश दी है।

इस दौरान अधिकारियों ने कोयला व्यापार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। साथ ही उनकी ओर से जमा किए गए टैक्स और लेनदेन के अंतर को समझा। बताया जाता है कि लेनदेन और टैक्स में भारी अंतर पाया गया है। फिलहाल अधिकारियों ने दस्तावेज ले लिए हैं। विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी की टीम ने दबिश दी है। इस दौरान अधिकारियों ने कोयला व्यापार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। साथ ही उनकी ओर से जमा किए गए टैक्स और लेनदेन के अंतर को समझा। बताया जाता है कि लेनदेन और टैक्स में भारी अंतर पाया गया है। फिलहाल अधिकारियों ने दस्तावेज ले लिए हैं।

विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्टेट जीएसटी की टीम ने शुक्रवार को शहर के तीन बड़े कोयला व्यापारियों फिल कोल, महावीर कोल वाशरी और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान टीम के अधिकारी व्यापारियों के निवास, आफिस और प्लांट में पहुंचे। दोपहर को पहुंची टीम कोयला व्यापारियों के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज खंगालते रहे। बताया जाता है कि एक कोयला व्यवसायी ने करीब 10 करोड़ रुपये सरेंडर किया है। उनके दस्तावेजों की बारिकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों की टीम देर रात तक व्यापारियों के ठिकानों पर जमी रही।

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कई राज्यों में व्यवसाय, लेनदेन और टैक्स में अंतर

कोयला व्यापारियों के यहां शुक्रवार से शुरू हुई जांच शनिवार को भी जारी रही। शहर के तीनों कोयला व्यापारी देश के अलग-अलग राज्यों में कोयले का कारोबार करते हैं। जांच के दौरान उनके लेनदेन और जमा किए गए टैक्स में भारी अंतर सामने आया है। शनिवार को भी दस्तावेजों की जांच चलती रही। बताया जाता है कि इस जांच से करोड़ों के टैक्स चोरी का मामला सामने आ सकता है। फिलहाल अधिकारी इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से बचते रहे। फिलहाल अधिकारियों की जांच जारी है।


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