Bilaspur High Court: मारपीट नहीं, ऑपरेशन के बाद सेप्टीसीमिया से हुई मौत, हाई कोर्ट ने तीन आरोपियों की आजीवन कारावास सजा पर लगाई रोक

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Bilaspur High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने बेमेतरा जिले के चर्चित मारपीट और गैर-इरादतन हत्या मामले में तीन दोषियों को बड़ी राहत दी है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए तीनों आरोपियों को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने माना कि मृतक की मौत घटना के 27 दिन बाद “पोस्ट-ऑपरेटिव सेप्टीसीमिया” के कारण हुई थी। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी पहले से लंबे समय से जेल में बंद हैं।

क्या है पूरा मामला?

मामला बेमेतरा जिले के नांदघाट थाना क्षेत्र के ग्राम कातलबोड़ का है। गांव में स्पीड ब्रेकर निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट में घायल तोकेश्वर नामक युवक की घटना के 27 दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। मामले में बेमेतरा के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 16 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए रेखलाल बारले (48), योगेंद्र बारले (25) और नंदू बारले (50) को दोषी ठहराया था। निचली अदालत ने आरोपियों को भादवि की धारा 304 भाग-2 सहित अन्य धाराओं 147, 148, 323, 324 और 308 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट में क्या दी गई दलील?

आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सुनील साहू ने हाई कोर्ट में पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मृतक की मौत सीधे मारपीट की चोट से नहीं हुई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मारपीट के दौरान तोकेश्वर सड़क पर गिर गया था, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर रॉड और स्क्रू लगाए थे और इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया था। बाद में ऑपरेशन के बाद शरीर में संक्रमण फैल गया और सेप्टीसीमिया के कारण उसकी मौत हुई। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मौत का सीधा संबंध मारपीट से नहीं है, इसलिए धारा 304-II का मामला नहीं बनता।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

दोनों पक्षों की दलीलें और जेल रिकॉर्ड देखने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि मृतक की मौत घटना के 27 दिन बाद पोस्ट-ऑपरेटिव सेप्टीसीमिया के कारण हुई थी। ऐसे में मामले की अंतिम सुनवाई तक सजा के क्रियान्वयन को स्थगित किया जाता है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सशर्त जमानत देने का आदेश दिया है।

जमानत की शर्तें

हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि:

  • प्रत्येक आरोपी को 50-50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बांड भरना होगा।
  • दो-दो स्थानीय जमानतदार पेश करने होंगे।
  • 6 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट रजिस्ट्री के समक्ष उपस्थित होना होगा।
  • इसके बाद निचली अदालत द्वारा तय तारीखों पर नियमित हाजिरी देनी होगी।

मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में होगी।


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