CG BOARD VS CBSE: CG बोर्ड बनाम CBSE: केपीएस, सेंट जेवियर्स और अचीवर्स स्कूल समूह की होगी जांच
Share on

CG BOARD VS CBSE: बिलासपुर। बिलासपुर जिले में संचालित केपीएस, सेंट जेवियर्स और अचीवर्स स्कूल समूह के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया है। समितियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्कूलों पर मान्यता नियमों के उल्लंघन, विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में शामिल न करने, महंगी निजी पुस्तकों और यूनिफॉर्म की बाध्यता, अवैध फीस वसूली तथा वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अचीवर्स स्कूल समूह पर गंभीर आरोप

मंगला क्षेत्र में वर्षों से संचालित अचीवर्स पब्लिक स्कूल को लेकर हाल में कई शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि विद्यालय राज्य शिक्षा विभाग की मान्यता लेकर सीबीएसई के नाम पर संचालन कर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें सीबीएसई पैटर्न का भरोसा देकर प्रवेश दिलाया, जबकि वास्तविक मान्यता छत्तीसगढ़ बोर्ड की है।

CG बोर्ड की मान्यता, CBSE के नाम पर प्रवेश

मंगला स्थित विद्यालय को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक छत्तीसगढ़ बोर्ड की मान्यता प्राप्त है। आरोप है कि इसके बावजूद वर्षों से सीबीएसई स्कूल बताकर प्रवेश दिए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों को भ्रमित कर आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान पहुंचाया गया।

महंगी किताबें और यूनिफॉर्म का दबाव

शिकायतों में कहा गया है कि स्कूल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इसके अलावा यूनिफॉर्म भी चुनिंदा दुकानों से ही खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

अयोग्य शिक्षकों से पढ़ाई का आरोप

विद्यालय में प्रशिक्षित शिक्षकों के स्थान पर गैर-प्रशिक्षित और अयोग्य शिक्षकों से पढ़ाई कराने का आरोप भी लगाया गया है। इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लंघन बताया गया है।

बोर्ड परीक्षा से वंचित करने का आरोप

कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों को वैधानिक बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय स्तर पर परीक्षा लेकर छात्रों और अभिभावकों को वास्तविक स्थिति से अनजान रखा गया।

फीस वसूली में पारदर्शिता नहीं

विद्यालय में फीस समिति केवल औपचारिक रूप से होने, नियमित बैठक न होने और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने के आरोप लगे हैं। फीस संरचना न वेबसाइट पर उपलब्ध है और न ही सूचना पटल पर प्रदर्शित की गई है।

गतौरी शाखा भी जांच के घेरे में

गतौरी स्थित शाखा, जिसे सीबीएसई संबद्ध बताया जाता है, वहां भी फीस नियमन उल्लंघन, महंगी किताबों की बाध्यता और शैक्षणिक मानकों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। मंगला शाखा को भी इसी संबद्धता के नाम पर सीबीएसई बताकर प्रचारित किए जाने की शिकायत है।

EWS छात्रों के अधिकारों पर सवाल

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग के छात्रों के प्रवेश एवं सुविधाओं में भेदभावपूर्ण व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसे कानून और समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।

अन्य निजी स्कूल भी संदेह के घेरे में

शहर के सेंट जेवियर्स, ड्रीमलैंड, एबीएम, केपीएस, महर्षि, द्रोणा, वंडरलैंड, यूजीन इंग्लिश मीडियम सहित कई निजी स्कूलों में भी मान्यता और संबद्धता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कई स्कूल राज्य बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई के नाम पर संचालन कर रहे हैं।

NSUI की शिकायत पर बनी जांच समिति

एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने केपीएस, सेंट जेवियर्स और अचीवर्स स्कूल समूह के खिलाफ जांच समितियों का गठन किया है। रंजेश सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की अनियमितताएं अत्यंत गंभीर हैं, क्योंकि इससे सीधे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

रंजेश सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में देरी हुई या कार्रवाई में ढिलाई बरती गई, तो एनएसयूआई द्वारा जिलेभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

शिकायत के प्रमुख बिंदु

  • प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन
  • मान्यता संबंधी अनियमितताएं
  • बोर्ड परीक्षा से विद्यार्थियों को वंचित करना
  • गलत जानकारी देकर पालकों को गुमराह करना
  • मनमानी फीस वसूली
  • निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने का दबाव
  • वित्तीय पारदर्शिता का अभाव
  • शासन के आदेशों की अनदेखी


Share on

Related Posts

CG News: कोरबा में राशन घोटाला: तीन महीने से नहीं मिला चावल, खाद्य अधिकारी के चेंबर में धरना

Share on

Share onCG NEWS: कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि जिले के कई ग्रामीण


Share on
Read More

CG High Court News: बगैर मान्यता, स्कूलों ने एडमिशन के लिए जारी किया विज्ञापन: नाराज हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से शपथ पत्र के साथ मांगा जवाब।

Share on

Share onCG High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गजब हो रहा है। बिना मान्यता वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में एडमिशन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जा रहा है। हाई


Share on
Read More

बड़ी खबर

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, सरकारी कर्मचारी को बिना विभागीय जांच के सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। बर्खास्तगी से पहले विभागीय जांच का आदेश जारी करना और संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष का पर्याप्त अवसर देना होगा।

Read More »

About Civil India

© 2025 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited

error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!