CSMCL SCAM: रायपुर। छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ रुपए के चर्चित शराब घोटाले के बाद अब 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब दुकानों में तैनात कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान के नाम पर जारी राशि का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा, बल्कि अधिकारियों, एजेंसियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से इसमें भारी अनियमितता की गई।
EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को 19 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया है।
नकद रकम जब्ती के बाद खुला मामला
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) रायपुर कार्यालय ने 29 नवंबर को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। इस सूचना के आधार पर राज्य एजेंसियों ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
115 करोड़ रुपए के भुगतान पर सवाल
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भुगतान के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को लगभग 115 करोड़ रुपए जारी किए गए। नियमों के अनुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के बदले मिलनी थी, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान नहीं किया गया।
कैसे हुआ खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह रकम बिलों के माध्यम से एजेंसियों को दी जाती थी, ताकि वे कर्मचारियों को भुगतान करें। लेकिन व्यवहार में राशि एजेंसियों के जरिए कमीशन के रूप में निकाली गई और इसे अधिकारियों व निजी व्यक्तियों तक पहुंचाया गया।
बड़े नामों तक पहुंची रकम
प्राथमिक जांच में यह भी दावा किया गया है कि यह रकम आगे प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाई जाती थी। मामले में पहले से चर्चित शराब सिंडिकेट से जुड़े नामों का भी जिक्र सामने आया है।
गिरफ्तार आरोपियों पर क्या आरोप
जांच में पाया गया कि दोनों आरोपी एजेंसी के कर्मचारी थे और 29 नवंबर 2023 को कंपनी के बैंक खाते से निकाली गई 28.80 लाख रुपए की रकम संबंधित लोगों तक पहुंचाने गए थे।
पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
और खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।








