CG News: 5 दिन काम, ज्यादा वेतन… फेडरेशन की मांगों ने बढ़ाई उम्मीद

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CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों को लेकर विस्तृत मांग-पत्र प्रस्तुत किया है। फेडरेशन ने वेतन संरचना, भत्तों और सेवा शर्तों में व्यापक बदलाव की आवश्यकता जताई है, ताकि कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग

फेडरेशन ने अपने प्रस्ताव में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹30,000 से ₹32,500 प्रतिमाह करने की मांग रखी है। साथ ही फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर कम से कम 3.68 करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा वार्षिक वेतनवृद्धि को 3% से बढ़ाकर 5% करने और 8, 16, 24 व 32 वर्षों की सेवा पर समयमान वेतनमान लागू करने की मांग भी की गई है।

महंगाई भत्ता और HRA पर जोर

महंगाई भत्ते (DA) को लेकर फेडरेशन का कहना है कि 50% से अधिक होने पर इसे मूल वेतन में स्वतः जोड़ा जाए। साथ ही HRA की दरों में बढ़ोतरी करते हुए X, Y और Z श्रेणी के लिए क्रमशः 40%, 30% और 20% निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई को X श्रेणी में शामिल करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य भत्तों की मांग

फेडरेशन ने कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने और चिकित्सा भत्ता ₹3000 प्रतिमाह करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही यात्रा भत्ता बढ़ाने, बच्चों की शिक्षा के लिए ₹4500 प्रतिमाह सहायता देने और जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारियों को 20% जोखिम भत्ता देने की मांग रखी गई है।

OPS बहाली और पेंशन सुधार पर जोर

पेंशन से जुड़े मुद्दों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली प्रमुख मांग के रूप में सामने आई है। फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि पेंशन अंतिम वेतन का 50% प्लस महंगाई भत्ता हो, पारिवारिक पेंशन भी 50% तय की जाए और ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹30 लाख की जाए। वरिष्ठ पेंशनरों को आयु के आधार पर अतिरिक्त पेंशन देने की भी बात कही गई है।

विशेष भत्ता और कार्य व्यवस्था में सुधार

राज्य की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नक्सल प्रभावित और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 25% विशेष भत्ता देने की मांग की गई है। साथ ही संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और शासकीय आवास सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।

पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग

फेडरेशन ने सभी विभागों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 1000 दिन तक बढ़ाने और कार्यस्थलों पर क्रेच सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है।


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