CG School News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रहे निलंबन और बहाली के कथित खेल पर अब लगाम कसने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर संचालक लोक शिक्षण (DPI) ने प्रदेशभर के संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को नोटिस जारी कर विस्तृत जानकारी तलब की है।
10 महीने का पूरा रिकॉर्ड मांगा
डीपीआई ने सभी जिलों और संभागों से पिछले महीनों में किए गए निलंबन, बहाली और विभागीय जांच से जुड़े मामलों का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हर केस में निलंबन का कारण, बहाली का आधार और जांच की स्थिति का विवरण तय समय के भीतर प्रस्तुत करें।
निलंबन को बनाया जा रहा था ‘टूल’?
सूत्रों के मुताबिक, विभाग में लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ मामलों में निलंबन और बहाली की प्रक्रिया का इस्तेमाल मनचाही पोस्टिंग पाने के लिए किया जा रहा था। पहले किसी शिक्षक को निलंबित किया जाता, फिर कुछ समय बाद बहाल कर उसे सुविधाजनक स्थान पर पदस्थ कर दिया जाता।
युक्तियुक्तकरण के दौरान बढ़े विवाद
हाल ही में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। आरोप है कि इसी दौरान कुछ मामलों में नियमों को दरकिनार कर निलंबन और बहाली के जरिए पोस्टिंग बदली गई।
अब हर फैसले का देना होगा हिसाब
डीपीआई के आदेश के बाद अब हर अधिकारी को यह बताना होगा कि
- किस कर्मचारी को कब और क्यों निलंबित किया गया
- बहाली किन परिस्थितियों में हुई
- विभागीय जांच की स्थिति क्या है
- बहाली के बाद किस जगह पदस्थ किया गया
इसके साथ ही जांच अधिकारी, आदेश क्रमांक और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी भी देना अनिवार्य किया गया है।
विभाग में मचा हड़कंप
इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। कई जिलों में रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि तय समयसीमा में पूरी जानकारी भेजी जा सके।