CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय, कोटा के हॉस्टल से छात्र के लापता होने के बाद उसके पिता और चाचा ने छात्राओं को परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि एक छात्रा से अभद्र बातें की गईं, अशोभनीय सवाल पूछे गए और उसका वीडियो भी बना लिया गया। इतना ही नहीं, उसे धमकाकर रोजाना पैसे वसूले गए। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बेटा नागपुर में मिला, फिर खुली पिता-चाचा की करतूत
विश्वविद्यालय का छात्र रोहित कुमार मार्च महीने में हॉस्टल से बिना बताए चला गया था। इसकी सूचना प्रशासन ने उसके पिता अमरेंद्र कुमार को दे दी थी। बेटे के गायब होने पर पिता और चाचा कोटा पहुंचे और हंगामा करते हुए छात्राओं और विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। करीब एक महीने बाद रोहित नागपुर में सुरक्षित मिला, जहां वह गार्ड की नौकरी कर रहा था। इसके बाद मामला पलट गया और छात्रा के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और वसूली की शिकायतें सामने आने लगीं।
छात्रा से गंदी बात, वीडियो बनाया और पैसे वसूले
पीड़ित छात्रा की शिकायत के अनुसार, आरोपी अमरेंद्र कुमार ने उसका वीडियो बनाया, जबकि निखिल कुमार ने उससे अश्लील और आपत्तिजनक सवाल किए। छात्रा विश्वविद्यालय की छात्रा भी नहीं थी, फिर भी उसे निशाना बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने छात्रा को भविष्य खराब करने और बिलासपुर में नहीं रहने देने की धमकी दी। डर के कारण छात्रा रोजाना दो-दो हजार रुपये भेजती रही। पुलिस जांच में बैंक ट्रांजेक्शन और मैसेज के सबूत भी मिले हैं। बताया गया कि छात्रा ने कुल 15 हजार रुपये भेजे थे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी दर्ज कराई शिकायत
रमन विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कोटा थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय के फार्मेसी प्राचार्य डॉ. साकेत सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि छात्र के पिता और चाचा ने कैंपस में हंगामा किया, झूठे आरोप लगाए और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर बदनाम करने की कोशिश की। शिकायत के मुताबिक, दोनों ने अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग की। दबाव में आकर विश्वविद्यालय को भी नकद और खाते में रकम देनी पड़ी।
पुलिस ने भेजा जेल
पुलिस ने छात्रा और विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।