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CG Teacher News: नौकरी यहां, पढ़ाई वहां… अब घिर गए कई शिक्षक

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CG Teacher News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बीएड डिग्री को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कई सरकारी शिक्षक मध्यप्रदेश की यूनिवर्सिटियों से कथित तौर पर पार्ट टाइम बीएड की डिग्री हासिल कर पदोन्नति का दावा कर रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि छत्तीसगढ़ में नियमित सरकारी नौकरी करते हुए दूसरे राज्य से यह कोर्स आखिर कैसे पूरा किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ शिक्षकों ने मध्यप्रदेश के निजी और विश्वविद्यालय स्तर के संस्थानों से बीएड डिग्री लेकर विभाग में जमा की है। इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रमोशन और वरिष्ठता लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। अब पूरे मामले में डिग्री की वैधता, अध्ययन अनुमति और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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अध्ययन अनुमति आदेश पर भी सवाल

बताया जा रहा है कि बिलासपुर संभाग स्तर पर 10 अप्रैल को कुछ शिक्षकों के लिए अध्ययन अनुमति जारी की गई थी, लेकिन उसी दिन कुछ घंटों बाद आदेश वापस भी ले लिया गया। इससे मामला और संदिग्ध हो गया है। चर्चा है कि जिन शिक्षकों के नाम प्रस्ताव में शामिल थे, वे पहले ही वर्ष 2025 में तीन वर्षीय बीएड डिग्री प्राप्त कर चुके थे। ऐसे में सवाल यह है कि यदि विभागीय अनुमति पहले से नहीं थी, तो पढ़ाई कब और कैसे पूरी हुई।

नौकरी करते हुए कैसे पूरी हुई पढ़ाई?

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शिक्षा नियमों के जानकारों का कहना है कि बीएड जैसे प्रोफेशनल कोर्स में उपस्थिति, प्रशिक्षण, प्रैक्टिकल और परीक्षा की प्रक्रिया होती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में नियमित ड्यूटी कर रहे शिक्षक मध्यप्रदेश जाकर कोर्स कैसे पूरा कर पाए, यह जांच का विषय है। यदि शिक्षक नियमित सेवा में थे, तो उन्हें क्लास अटेंड करने, परीक्षा देने और प्रायोगिक कार्यों के लिए अवकाश किसने स्वीकृत किया, यह भी बड़ा सवाल है।

मान्यता पर सबसे बड़ा विवाद

जानकारों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की मान्यता के बिना किसी भी शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स की वैधता पर प्रश्न उठ सकते हैं। अब यह देखा जा रहा है कि जिन संस्थानों से डिग्री ली गई, वहां ऐसे पाठ्यक्रम को अनुमति थी या नहीं। यदि कोर्स ही मान्य नहीं हुआ, तो उसके आधार पर पदोन्नति या सेवा लाभ देना विवादित हो सकता है।

जांच हुई तो खुल सकते हैं कई राज

सूत्रों का दावा है कि बीएड डिग्री दिलाने के नाम पर एक नेटवर्क सक्रिय है, जो दूसरे राज्यों से शिक्षकों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का लालच देता है। यदि विभाग विश्वविद्यालयों से प्रवेश रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा विवरण और फीस जमा दस्तावेज मंगाए, तो पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

शिक्षक संगठन ने मांगी सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल ने कहा है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे पदोन्नति पाने की कोशिश गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि सभी बीएड और टीईटी प्रमाणपत्रों की कड़ी जांच हो, ताकि योग्य शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रहें।


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