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CG Weather Updates: CG में लू से मौत, बिलासपुर-रायपुर-दुर्ग-भिलाई में हीट अलर्ट

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CG Weather Updates: बिलासपुर। देशभर में भीषण गर्मी का दौर जारी है और छत्तीसगढ़ भी इसकी चपेट में है। प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में तापमान बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। हीट वेव और लू के बीच एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जो इस सीजन में राज्य में लू से होने वाली पहली मौत है। शुक्रवार को लू की चपेट में आने से एक बुजुर्ग भिखारी की मौत हो गई, जो पिछले दो दिनों से बीमार था।

तेज और झुलसाने वाली गर्म हवाओं का असर अब लोगों की आंखों पर भी दिखने लगा है। दोपहर में तापमान में तेज उछाल के साथ सनबर्न जैसे हालात बनने लगे हैं। बिलासपुर में लू और हीट वेव के अलर्ट के बीच दोपहर की धूप आग की तरह तप रही है। शुक्रवार को एक बुजुर्ग भिखारी की लू लगने से मौत हो गई। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब आंखों पर भी पड़ने लगा है। सिम्स और जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आंखों की एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। वर्नल केराटो कंजंक्टिवाइटिस यानी वीकेसी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री ज्यादा है और यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है।

लू लगने से भिखारी की मौत, जांच में जुटा प्रशासन

बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में लू से भिखारी की मौत की आशंका है। ग्राम जोंधरा में 75 वर्षीय बुजुर्ग शुक्रवार की शाम बाजार के पास एक जूते की दुकान के बाहर मृत मिला। यह बुजुर्ग दो महीने से जोंधरा में था और भीख मांगकर गुजारा करता था। दिनभर इधर-उधर घूमता था और रात को कहीं भी सो जाता था। पिछले दो दिनों से वह बीमार था और भीषण गर्मी में भी बाजार के आसपास ही पड़ा रहा। सूचना मिलने पर मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंची और उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भेजा गया। मौत का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन हीट स्ट्रोक को मुख्य वजह बताया जा रहा है। मस्तूरी टीआई कृष्ण चंद्र सिदार ने बताया कि मृतक कुछ दिनों से बीमार था और शरीर पूरी तरह सूख चुका था।

हीट स्ट्रोक में पोस्टमॉर्टम हमेशा जरूरी नहीं

सिम्स के फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि लू से होने वाली मौत का मुख्य कारण गंभीर डिहाइड्रेशन और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर होता है। मौत के बाद केवल शव की जांच से डिहाइड्रेशन का सटीक पता लगाना संभव नहीं होता और हीट स्ट्रोक के कारण आंतरिक अंगों की बनावट में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।

सिम्स की ओपीडी में उमड़ रहे मरीज

सिम्स के नेत्र रोग ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 30 मरीज केवल आंखों की एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चे और युवा सबसे अधिक हैं। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक गर्मी, धूल, परागकण और बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों की एलर्जी तेजी से बढ़ रही है। सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि बढ़ती गर्मी से आंखों की समस्याएं बढ़ी हैं। एमएस डॉ. लखन सिंह ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभा सोनवानी ने कहा कि बच्चे और युवा इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं और बिना डॉक्टर की सलाह आई ड्रॉप का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।

विशेषज्ञों ने बताई जरूरी सावधानियां

  • धूप में निकलते समय यूवी प्रोटेक्टेड चश्मा अवश्य पहनें
  • आंखों को बार-बार हाथ से न रगड़ें
  • ठंडे पानी से आंखों की नियमित सफाई करें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
  • धूल और प्रदूषण से बचाव करें
  • बिना डॉक्टर की सलाह आई ड्रॉप का उपयोग न करें
  • आंखों में लगातार जलन या खुजली हो तो तुरंत जांच कराएं

जानिए लू लगने के प्रमुख लक्षण

लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी-मितली, सिरदर्द, बेहोशी और त्वचा का लाल व सूखा हो जाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होते ही व्यक्ति को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर ठंडा करना चाहिए। पानी या ओआरएस पिलाने की सलाह दी गई है और स्थिति गंभीर होने पर मरीज को फौरन अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।

मौसमी फल और हरी सब्जियों का करें भरपूर सेवन

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दिनभर अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। तरबूज, खीरा, ककड़ी और मौसमी फल व हरी सब्जियों का अधिक सेवन करने को कहा गया है। धूप में निकलते समय सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढंकने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा खाली पेट धूप में न निकलने की सलाह दी गई है। चाय, कॉफी और अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की अपील भी की गई है।

इन लोगों का रखें विशेष ख्याल

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लू के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। परिवार के सदस्यों को इन्हें तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ के ये चार शहर भीषण गर्मी की चपेट में

  • रायपुर, छत्तीसगढ़ — 43°C
  • बिलासपुर, छत्तीसगढ़ — 44°C
  • दुर्ग, छत्तीसगढ़ — 44°C
  • भिलाई, छत्तीसगढ़ — 43°C


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