दिल्ली। स्पेशल एजुकेटर्स की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है। कोर्ट ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से स्पष्ट रूप से बताने को कहा है कि विशेष शिक्षकों की भर्ती में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य योग्यता है या नहीं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की डिवीजन बेंच ने रजनीश कुमार पांडे बनाम यूनियन ऑफ इंडिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में स्पेशल एजुकेटर्स की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसे अब स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
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पहले के फैसलों पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट राणा मुखर्जी ने 2021 में आए एक फैसले की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें प्री-स्कूल से कक्षा 5 तक के शिक्षकों के लिए TET को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बताया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ही एक समन्वय बेंच के 7 मार्च 2025 के आदेश के अनुसार, स्पेशल एजुकेटर्स के लिए रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (RCI) की योग्यता पर्याप्त मानी गई थी। एमिकस क्यूरी ऋषि मल्होत्रा ने 21 जुलाई 2022 के आदेश का हवाला दिया, जिसमें शिक्षा मंत्रालय की 10 जून 2022 की गाइडलाइन का उल्लेख था जिसमें CTET, TET, NTA स्कोर, क्लासरूम डेमोंस्ट्रेशन और इंटरव्यू को चयन प्रक्रिया का हिस्सा माना गया है।
राज्यों की भर्ती प्रक्रिया पर कोर्ट की नाराजगी
डिवीजन बेंच ने कहा कि कई राज्यों ने स्पेशल एजुकेटर्स की भर्ती यह मानकर शुरू कर दी कि RCI की योग्यता ही पर्याप्त है, लेकिन अपने नोटिफिकेशनों में TET को अनिवार्य नहीं बताया। इससे देशभर में भर्ती प्रक्रियाओं में असमानता पैदा हो गई है।
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इसी वजह से कोर्ट ने निर्देश दिया है कि
NCTE को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए और कानूनी स्थिति पर विस्तृत जवाब दिया जाए। इसके साथ ही एमिकस क्यूरी को भी आदेश दिया गया है कि वे सभी राज्यों के उन नोटिफिकेशनों को कोर्ट में पेश करें, जहां TET के बिना स्पेशल एजुकेटर भर्ती चलाई जा रही है।
भर्ती रोकने का भी आदेश
कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया: जब तक स्पेशल एजुकेटर्स के पास TET की योग्यता नहीं होगी, उन्हें नियुक्त नहीं किया जाएगा। यह निर्देश उन सभी राज्यों पर लागू रहेगा जहां भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। डिवीजन बेंच ने कहा कि नियम स्पष्ट होने तक किसी भी उम्मीदवार को स्पेशल एजुकेटर के पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक वह TET पास न हो। अब पूरा देश NCTE के उस जवाब का इंतजार कर रहा है, जो तय करेगा कि भविष्य में स्पेशल टीचर बनने के लिए TET आवश्यक होगा या नहीं।








