Bilaspur High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने समर वेकेशन के बाद नियमित न्यायिक कार्य को लेकर नया आदेश जारी किया है। प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल मंसूर अहमद द्वारा जारी आदेश के अनुसार 15 जून 2026 से हाई कोर्ट में फिर से पुरानी व्यवस्था के तहत फिजिकल सुनवाई शुरू होगी। अधिवक्ता अब कोर्ट रूम में उपस्थित होकर मामलों की पैरवी कर सकेंगे। हालांकि वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था खत्म
हाई कोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा समाप्त कर दी गई है। समर वेकेशन खत्म होने के बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। बता दें कि अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति संकट की आशंका को देखते हुए हाई कोर्ट ने पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग, कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसी अस्थायी व्यवस्थाएं लागू की थीं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा रहेगी जारी
प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 19 मई 2026 के परिपत्र के तहत लागू अस्थायी व्यवस्थाएं अब समाप्त की जा रही हैं। हालांकि वीडियो कांफ्रेंसिंग से मामलों की सुनवाई संबंधी पूर्व में लागू प्रावधान, दिशानिर्देश और सुविधाएं यथावत जारी रहेंगी।
ईंधन बचत को लेकर जारी किए निर्देश
हाई कोर्ट प्रशासन ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की स्थिति में अब काफी सुधार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अनावश्यक ईंधन खर्च से बचने की जरूरत है। जारी आदेश में न्यायिक और मंत्रिस्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आधिकारिक वाहनों का उपयोग मितव्ययिता के साथ करें और जहां तक संभव हो वाहन साझा (कार पूलिंग) व्यवस्था अपनाएं।
प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश में क्या कहा?
आदेश में कहा गया है कि:
- 15 जून 2026 से हाई कोर्ट और जिला न्यायपालिका में नियमित कार्य प्रणाली लागू होगी।
- वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी।
- अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
- सरकारी वाहनों और ईंधन के उपयोग में मितव्ययिता बरती जाए।
- वाहन पूलिंग को बढ़ावा दिया जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके।