Bilaspur High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में प्रस्तुत एमपी-एमएलए मामलों की ताजा स्टेटस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों सहित डेढ़ दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई विभिन्न विशेष अदालतों में लंबित है। इन मामलों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों तक कई बड़े नाम शामिल
स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव, विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव समेत कई वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में अलग-अलग मामलों की सुनवाई जारी है।रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 469, 471 तथा आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत दर्ज मामले की सुनवाई चल रही है। वहीं मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में भी कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है।
अलग-अलग जिलों की अदालतों में चल रही सुनवाई
बिलासपुर सीजेएम कोर्ट में विधायक अटल श्रीवास्तव के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला लंबित है। बलौदाबाजार की अदालत में विधायक देवेंद्र यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास और आगजनी से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है। पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी, गोवर्धन मांझी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी विभिन्न जिलों की अदालतों में आपराधिक मामलों की सुनवाई चल रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के भी मामले
रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले लंबित हैं। पूर्व आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी, विधायक देवेंद्र यादव तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ भी ईडी और एसीबी के प्रकरणों में सुनवाई जारी है। जांजगीर-चांपा, कवर्धा और गरियाबंद सहित कई जिलों में धोखाधड़ी, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य आपराधिक मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में चल रही है।
कुछ मामलों पर हाई कोर्ट की रोक, कई में तय हैं सुनवाई की तारीखें
स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार राजनांदगांव के विशेष न्यायालय में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव सहित कुछ आरोपियों के खिलाफ दर्ज कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही के कारण फिलहाल हाई कोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगा रखी है। वहीं अन्य मामलों में जून और जुलाई 2026 के दौरान अलग-अलग अदालतों में नियमित सुनवाई निर्धारित की गई है।