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CG News: गलत आदेश से तोड़ दिया हाउसिंग बोर्ड का सामुदायिक भवन, 80 लाख नुकसान की वसूली के निर्देश

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CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बने सामुदायिक भवन को तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर अवनीश शरण ने पूरे मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों से 80 लाख रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई तोड़फोड़

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हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, नेहरू नगर की बेशकीमती जमीन पर कब्जे की नीयत से सामुदायिक भवन को तोड़ा गया। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर बिना मूल मालिक पक्ष को सुने कार्रवाई कर दी गई। कमिश्नर अवनीश शरण ने अपने पत्र में कहा है कि वर्ष 1966 में 14.55 एकड़ जमीन सहकारी समिति से खरीदी गई थी, जबकि 8.31 एकड़ भूमि शासन से अधिग्रहित की गई थी। इसके बावजूद राजस्व अधिकारियों ने मूल दस्तावेजों की जांच किए बिना कार्रवाई कर दी।

60 साल पुराने भवन को तोड़ने का आरोप

पत्र के मुताबिक, 2 जून को कुदुदंड निवासी मोहम्मद अली के कथित संरक्षण में कुछ लोगों ने 60 साल पुराने सामुदायिक भवन को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने हाउसिंग बोर्ड को नोटिस दिए बिना और उसका पक्ष सुने बिना एकतरफा आदेश जारी किया।

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अफसरों की भूमिका जांच के दायरे में

हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को 15 बिंदुओं पर विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, पटवारी और अन्य राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच भी शामिल है। कमिश्नर ने यह भी कहा है कि कुछ अधिकारियों ने भू-माफिया के पक्ष में भ्रामक रिपोर्ट तैयार की। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर FIR की मांग

हाउसिंग बोर्ड ने आरोप लगाया है कि मानसेवी गृह निर्माण समिति और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को एक ही संस्था बताकर दस्तावेज तैयार किए गए। कमिश्नर ने ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग की है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश पर लगाया स्टे

मामले के तूल पकड़ने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट रजनी भगत ने अपने ही आदेश पर 2 जून को स्थगन आदेश जारी कर दिया। वहीं, हाउसिंग बोर्ड की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

80 लाख नुकसान की भरपाई होगी

हाउसिंग बोर्ड का दावा है कि सामुदायिक भवन तोड़े जाने से करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कमिश्नर ने दोषियों से यह राशि वसूलने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


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