CG News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों की टीम से कराया गया है।
ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, रतनपुर क्षेत्र के ग्राम पोड़ी नवागांव निवासी कुमारी बाई साहू लंबे समय से बीमार थीं। परिजन उन्हें इलाज के लिए रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी में समस्या बताते हुए ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसके बाद महिला को एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन से पहले 15 हजार रुपये जमा कराए और फिर ऑपरेशन की तैयारी शुरू की गई। आरोप है कि एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी।
गंभीर हालत में सिम्स किया रेफर
परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना उचित चिकित्सकीय प्रक्रिया और रेफरल दस्तावेजों के महिला को निजी वाहन से सिम्स रेफर कर दिया। जब महिला को सिम्स लाया गया, तब तक ऑपरेशन शुरू किया जा चुका था और उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। सिम्स में कुछ ही देर बाद ऑपरेशन थिएटर में महिला की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते सही उपचार और उचित रेफरल प्रक्रिया अपनाई जाती तो महिला की जान बच सकती थी। मृतका के बेटे मुकेश साहू ने पुलिस से मांग की है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित की जाए। उनका कहना है कि ऑपरेशन की तैयारी, एनेस्थीसिया देने और मरीज को रेफर करने तक की पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड हो सकती है।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पीएम
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल के रिकॉर्ड, उपचार दस्तावेज, रेफरल प्रक्रिया और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।