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Supreme Court News: 24 किलो गांजा बरामदगी मामले में हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर आरोपी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी

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Supreme Court News: बिलासपुर। ओडिशा के एक कथित गांजा तस्कर ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से दूसरी बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा चार सप्ताह में जवाब

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहाना की डिवीजन बेंच में हुई। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

24 किलो गांजा जब्ती का मामला

मामला महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए सह-आरोपी के कब्जे से 24 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान सह-आरोपी के बयान में धनेश्वर साहू का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। धनेश्वर साहू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वह 17 फरवरी 2026 से जेल में बंद है।

हाई कोर्ट ने दूसरी बार भी नहीं दी राहत

याचिकाकर्ता ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में दूसरी बार नियमित जमानत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान उसके अधिवक्ता ने कहा कि अब तक मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं और वह लंबे समय से जेल में बंद है। वहीं राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि बरामद गांजे की मात्रा व्यावसायिक मात्रा से अधिक है और मामला संगठित अपराध से जुड़ा प्रतीत होता है। राज्य ने यह भी बताया कि आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

हाई कोर्ट ने कहा- संगठित अपराध प्रतीत होता है मामला

मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि 24 किलो गांजा व्यावसायिक मात्रा से कहीं अधिक है। सह-आरोपी के बयान में याचिकाकर्ता का नाम सामने आया है और प्रथम दृष्टया यह संगठित अपराध का मामला प्रतीत होता है। ऐसे में आरोपी को नियमित जमानत देने का यह उपयुक्त मामला नहीं है। इसी टिप्पणी के साथ हाई कोर्ट ने धनेश्वर साहू की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। साथ ही ट्रायल कोर्ट को सुनवाई शीघ्र पूरी करने की स्वतंत्रता दी गई थी।


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