CG Teacher News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सहायक ग्रेड-1 पद पर पदोन्नति में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि वरिष्ठ कर्मचारी को नजरअंदाज कर जूनियर कर्मचारी को प्रमोशन दे दिया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने डीईओ को नोटिस जारी कर विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही 28 मई तक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जानिए क्या है पूरा विवाद?
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में कार्यरत विकास तिवारी ने सहायक ग्रेड-1 पद पर हुई पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शिकायत की है। शिकायत पत्र में उन्होंने कहा है कि उनसे कनिष्ठ जीएन द्विवेदी को पदोन्नति दे दी गई, जबकि उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। शिकायत मिलने के बाद जेडी शिक्षा संभाग बिलासपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीईओ कार्यालय से जवाब मांगा है। संयुक्त संचालक ने 28 मई 2026 को सुबह 11 बजे तक स्थापना शाखा और शिकायत शाखा प्रभारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
डीपीसी बैठक से पहले ही जारी हो गया था निलंबन आदेश
मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जिस दिन पदोन्नति के लिए डीपीसी बैठक आयोजित की जानी थी, उससे ठीक एक दिन पहले विकास तिवारी को निलंबित कर दिया गया था। इसी वजह से संयुक्त संचालक ने डीपीसी बैठक से जुड़े रिकॉर्ड और अनुशंसा प्रक्रिया की जानकारी भी मांगी है। अपने पत्र में जेडी ने उल्लेख किया है कि डीपीसी की बैठक 24 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी, जबकि विकास तिवारी को 23 जनवरी 2026 को निलंबित किया गया। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाए कि डीपीसी में उनके नाम पर विचार किया गया था या नहीं।
पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर जेडी ने मांगे ये दस्तावेज
- सहायक ग्रेड-1 पद हेतु जारी अंतरिम वरिष्ठता सूची (अप्रैल 2025 की स्थिति अनुसार) के प्रकाशन के बाद प्राप्त दावा-आपत्तियों की जानकारी और संबंधित आवेदन पत्र।
- दावा-आपत्तियों के निराकरण के लिए की गई कार्रवाई का पूरा विवरण।
- पदोन्नति के लिए पात्र वरिष्ठ एवं योग्य कर्मचारियों की संख्या और रिक्त पदों की जानकारी।
- डीपीसी बैठक में समिति द्वारा अनुमोदित और अनुशंसित कार्यवाही विवरण की प्रति।
. डीपीसी कार्यवाही पंजी के अनुसार विकास तिवारी के नाम पर विचार हुआ या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी।
- जीएन द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत पिछले पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली और चल-अचल संपत्ति का विवरण।
- विकास तिवारी को निलंबित करने से पहले जारी कारण बताओ नोटिस और संबंधित पत्राचार की प्रतियां।
- मामले से जुड़े अन्य आवश्यक मूल दस्तावेज और उनकी छायाप्रति।