CG CRIME NEWS: बिलासपुर। लक्ष्मीकांतों पांडा और उसके साथियों पर लोगों से लाखों रुपये ठगने का गंभीर आरोप है। ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी ट्रेन के जरिए महाराष्ट्र निकल जाने की योजना बना रहे थे। ओडिशा पुलिस से सूचना मिलते ही टीआई रजनीश सिंह की अगुवाई में तोरवा पुलिस ने स्टेशन की घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
मामला ओडिशा के कोरापुट जिले के जैपुर थाना क्षेत्र का है। लोन दिलाने के बहाने करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने लोगों को आसान लोन दिलाने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठी थी। शिकायत दर्ज होते ही सभी आरोपी राज्य छोड़कर रफूचक्कर हो गए थे।

ओडिशा पुलिस के अलर्ट पर बिलासपुर रेलवे स्टेशन में की घेराबंदी
तोरवा पुलिस को खबर मिली कि ठगी के आरोपी ओडिशा से ट्रेन के रास्ते महाराष्ट्र की तरफ भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम फौरन हरकत में आ गई। रेलवे स्टेशन को चारों तरफ से घेरकर ओडिशा की दिशा से आने वाली ट्रेनों में संदिग्धों की खोजबीन शुरू की गई। पुलिस के पास पहले से आरोपियों के हुलिए की जानकारी मौजूद थी। तलाशी के दौरान स्टेशन पर पांच संदिग्ध युवक नजर आए और हुलिए से मिलान होते ही पुलिस ने सभी को काबू में कर लिया।
तस्वीर भेजकर हुई पहचान की पुष्टि
पकड़े गए संदिग्धों की तस्वीरें तोरवा पुलिस ने तत्काल ओडिशा पुलिस को भेजीं। पहचान की पुष्टि होने के बाद सभी आरोपियों को तोरवा थाना लाया गया, जहां उनसे शुरुआती पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही सभी आरोपियों को ओडिशा पुलिस को सौंप दिया जाएगा और आगे की पूछताछ व कानूनी कार्रवाई वहीं की जाएगी।
लोन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी
जैपुर थाना क्षेत्र के नुआसाही निवासी बिनोद साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लक्ष्मीकांतों पांडा ने अपने गिरोह के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी की। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से मिलाकर करीब दो करोड़ रुपये की वसूली की थी। शिकायत की भनक लगते ही सभी आरोपी महाराष्ट्र भागने की तैयारी में जुट गए, लेकिन बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
अंतरराज्यीय तालमेल से मिली बड़ी कामयाबी
थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ओडिशा पुलिस और बिलासपुर पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल की वजह से आरोपी भागने में नाकाम रहे। समय पर सूचना साझा होने के बाद रेलवे स्टेशन में घेराबंदी करके कार्रवाई को अंजाम दिया गया। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और उन्हें शीघ्र ओडिशा पुलिस के हवाले किया जाएगा।