CG News: रायपुर। सीतापुर भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आज से संघ ने कलमबंद और कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं, जिसके चलते कई सरकारी दफ्तरों में काम प्रभावित होने लगा है।
संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर सुबह 10 बजे सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं, जिससे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के साथ न्यायालयीन कामकाज प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा संघ
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का कहना है कि 27 मई को अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के बाद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
सरकारी कामकाज पर पड़ सकता है असर
इस आंदोलन को अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदेशभर में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के चलते आम लोगों को राजस्व और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप में पुलिस ने गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
राजस्व निरीक्षक संघ ने भी किया विरोध प्रदर्शन
विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व निरीक्षक संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारी सीतापुर थाने पहुंचे और वहां घेराव कर प्रदर्शन किया। नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट मामले में राजस्व निरीक्षक संघ ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर वे सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
जानिए क्या है पूरा विवाद?
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन जमीन से जुड़े एक काम के सिलसिले में नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। वहां किसी बात को लेकर उनकी अधिकारी से बहस हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान नायब तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि विधायक, उनके समर्थकों और नायब तहसीलदार के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।