CG Teacher News: सरगुजा। जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर सरगुजा के प्रतिवेदन के आधार पर चार शिक्षकों की आगामी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया गया है।
कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में शासकीय प्राथमिक शाला आमापारा के सहायक शिक्षक सुखदेव राम, ससौलीपारा के प्रधान पाठक उमेश कुमार तिवारी, आमगांव के सहायक शिक्षक उमेश सिंह नेताम और समनिया के सहायक शिक्षक रवि कुमार शामिल हैं।
नशे में मिला शिक्षक, जनगणना कार्य प्रभावित
डीईओ के आदेश के अनुसार सहायक शिक्षक सुखदेव राम को जनगणना कार्य के दौरान लगातार नशे की हालत में पाए जाने की शिकायत मिली थी। जनगणना पर्यवेक्षक ने तहसीलदार को रिपोर्ट देकर उनके स्थान पर दूसरे प्रगणक की नियुक्ति की मांग की थी। कारण बताओ नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका एक इंक्रीमेंट रोक दिया गया।
ऑनलाइन कार्य शुरू नहीं किया
प्रधान पाठक उमेश कुमार तिवारी को जनगणना का ऑनलाइन कार्य 7 मई 2026 से प्रारंभ करना था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय तक कार्य शुरू नहीं किया। नोटिस जारी होने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डीईओ ने वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की।
नियुक्ति पत्र नहीं लिया, मोबाइल भी नहीं उठाया
सहायक शिक्षक रवि कुमार के खिलाफ आदेश में उल्लेख किया गया है कि उन्होंने प्रगणक नियुक्ति पत्र तक प्राप्त नहीं किया। मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप संदेशों का जवाब नहीं दिया गया। मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण जनगणना कार्य प्रभावित हुआ। इसके चलते उनकी आगामी वेतनवृद्धि रोकी गई है।
मोबाइल बंद, मुख्यालय से गायब
सहायक शिक्षक उमेश सिंह नेताम पर भी जनगणना कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा। आदेश में कहा गया कि उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं किया और उनका मोबाइल लगातार बंद मिला। मुख्यालय से अनुपस्थित रहने तथा नोटिस का जवाब नहीं देने पर डीईओ ने कार्रवाई करते हुए एक इंक्रीमेंट रोक दिया।
डीईओ ने बताया अनुशासनहीनता
डीईओ डॉ. दिनेश कुमार झा ने आदेश में कहा है कि चारों शिक्षकों का कृत्य पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।