CG Teacher News: सरगुजा। शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता और कूटरचना के गंभीर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर डॉ. दिनेश झा ने शासकीय प्राथमिक शाला पण्डरीडांड, विकासखंड उदयपुर की प्रधानपाठिका अंजेला किण्डो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में सरकारी राशि के दुरुपयोग, फर्जी हस्ताक्षर और वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
डीईओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार अंजेला किण्डो पर बालवाड़ी संचालन के लिए प्राप्त शासकीय राशि के आहरण में अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग, सरकारी धन का अनधिकृत हस्तांतरण और भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन के आरोप साबित पाए गए हैं। एबीईओ की जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की अनुशंसा के बाद यह कदम उठाया गया।
शिकायत से खुला मामला
शासकीय प्राथमिक शाला पण्डरीडांड में पदस्थ सहायक शिक्षक कुंदसाय टेकाम ने 10 अप्रैल 2026 को डीईओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रधानपाठिका अंजेला किण्डो ने कोषाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर शाला अनुदान राशि का आहरण किया है। साथ ही बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान किया गया और रविवार को फर्जी तरीके से एसएमसी बैठक दिखाकर दस्तावेज तैयार किए गए।
जांच में सामने आई गड़बड़ियां
डीईओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी उदयपुर को जांच सौंपी। दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद शिकायत सही पाई गई और कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
एबीईओ की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानपाठिका अंजेला किण्डो ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने वर्ष 2025-26 की बालवाड़ी द्वितीय किश्त की राशि फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली थी। जांच में यह भी पाया गया कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया और क्रय समिति तथा भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
पति के खाते में जमा कराई सरकारी राशि
जांच रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानपाठिका ने अपने पति किशोर किण्डो, जो स्वयं शासकीय कर्मचारी हैं, के बैंक खाते में शासकीय राशि ट्रांसफर की। इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला माना गया है। जांच में यह भी सामने आया कि 19 मार्च 2024 और 29 मार्च 2025 को जारी पीपीए में सहायक शिक्षक कुंदसाय टेकाम के हस्ताक्षर मेल नहीं खाते। वहीं एसएमसी बैठकों में सदस्यों के हस्ताक्षरों में भी भारी अंतर पाया गया। 06 जुलाई 2025, जो रविवार का दिन था, उस दिन बैठक दिखाना भी संदिग्ध पाया गया।
डीईओ ने कहा- गंभीर कदाचार
डीईओ ने अपने आदेश में कहा है कि अंजेला किण्डो का कृत्य पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है। आदेश में प्रधानपाठिका अंजेला किण्डो को प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सीतापुर नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।