Court News: वाहन बेचने के बाद नाम ट्रांसफर नहीं कराया तो पुराने मालिक को भरना पड़ सकता है लाखों का मुआवजा

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Court News: बिलासपुर। वाहन बेचने के बाद भी यदि आरसी बुक में पुराने मालिक का नाम दर्ज है, तो सड़क हादसे की स्थिति में कानूनी जिम्मेदारी उसी की मानी जाएगी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के एक महत्वपूर्ण फैसले ने पुराने वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकरण ने सड़क दुर्घटना में मृत आरक्षक की पत्नी को 63.93 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश पुराने वाहन मालिक और चालक को दिया है।

RC में नाम पुराना तो जिम्मेदारी भी पुरानी

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी श्रुति दुबे ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा है कि वाहन बेच देने मात्र से जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। यदि वाहन का नामांतरण परिवहन विभाग में नहीं कराया गया है और आरसी बुक में पुराने स्वामी का नाम दर्ज है, तो दुर्घटना की जिम्मेदारी और मुआवजा भुगतान का भार भी उसी पर रहेगा।

पढ़िए क्या है मामला?

जांजगीर-चांपा जिले के पुटपुरा मुख्य द्वार के पास 27 अगस्त 2019 की शाम छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के आरक्षक प्रमोद वर्मा सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान बोलेरो वाहन चालक शैलेन्द्र पटेल ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल आरक्षक को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक आरक्षक की पत्नी मनीषा वर्मा ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे का दावा प्रस्तुत किया था।

पुराने मालिक ने दी ये दलील

वाहन के पुराने मालिक दिवाकर पाण्डेय ने अधिकरण के सामने तर्क दिया कि उसने दुर्घटना से पहले ही वाहन बेच दिया था और नोटरी से बिक्रीनामा भी कराया था। लेकिन अधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि दुर्घटना के समय वाहन का पंजीयन पुराने मालिक के नाम पर था, इसलिए कानूनी रूप से वही जिम्मेदार माना जाएगा।

बीमा भी था एक्सपायर

सुनवाई के दौरान अधिकरण ने पाया कि वाहन का बीमा भी समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इसे भी गंभीर लापरवाही माना गया।

माता-पिता को भी मिलेगा मुआवजा

अधिकरण ने कुल 63 लाख 93 हजार 992 रुपये मुआवजा 9 प्रतिशत ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि कुल राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा मृतक आरक्षक के माता-पिता के खाते में जमा किया जाए। शेष राशि पत्नी और बच्चों को दी जाएगी।

पेंशन और PF अलग रहेंगे

अधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन, पीएफ और अनुग्रह राशि को मुआवजे की रकम से समायोजित नहीं किया जाएगा।


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