CG Teacher News: बिलासपुर। सुशासन तिहार में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बिल्हा विकासखंड के ग्राम लिमतरी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) ओंकार सिंह श्याम के लगातार अनुपस्थित रहने के मामले में आखिरकार जिला शिक्षा अधिकारी को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी और शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।
शाला विकास समिति के अध्यक्ष विनोद कौशिक ने सुशासन तिहार के दौरान शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि शिक्षक बिना किसी सूचना और बिना स्वीकृत अवकाश के लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। शिकायत के साथ जमा दस्तावेजों में 30 मार्च 2026, 2 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तथा 15 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 तक की अनुपस्थिति का उल्लेख किया गया था।
बीईओ जांच में सही पाए गए आरोप, पहले वेतन रोका फिर किया सस्पेंड
शिकायत मिलने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा द्वारा मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पहले शिक्षक का वेतन रोका गया और बाद में जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर को कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने शिक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
ग्रामीणों ने उजागर की लापरवाही, विभाग बना रहा अनजान
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शिक्षक की अनुपस्थिति का रिकॉर्ड स्कूल स्तर पर मौजूद था, तब विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई? क्या विभाग को कार्रवाई के लिए हर बार ग्रामीणों की शिकायत या सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों का इंतजार करना पड़ेगा?
जवाबदेही सिर्फ शिक्षक तक सीमित रहेगी या अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई?
इस कार्रवाई ने यह जरूर साफ कर दिया है कि जनता की शिकायतों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। सुशासन तिहार में उठाए गए मामलों पर सीधे कार्रवाई हो रही है। हालांकि अब यह देखना होगा कि विभाग केवल एक शिक्षक को निलंबित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है या फिर यह भी जांच करेगा कि इतनी लंबी अवधि तक निगरानी तंत्र आखिर विफल क्यों रहा। सवाल उन अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे हैं जिनकी निगरानी में स्कूलों में अनुशासन और पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होती रही।
शिक्षा विभाग लगातार स्कूलों की मॉनिटरिंग और गुणवत्ता सुधार के दावे करता है, लेकिन लिमतरी का मामला जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करता है। यदि ग्रामीण शिकायत नहीं करते तो संभवतः यह मामला भी दबा रह जाता।
पढ़िए डीईओ के आदेश में क्या कहा गया?
डीईओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सुशासन तिहार 2026 के तहत 1 मई 2026 को हरदीकला में आयोजित शिविर में ओंकार सिंह श्याम, सहायक शिक्षक एलबी, शासकीय प्राथमिक शाला लिमतरी, विकासखंड बिल्हा के खिलाफ बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में 30 मार्च 2026, 2 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तथा 15 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 तक अनुपस्थिति का उल्लेख किया गया था। मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा से कराई गई।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी की 5 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय की उपस्थिति पंजी का अवलोकन करने पर पाया गया कि ओंकार सिंह श्याम उक्त तिथियों के अलावा निरीक्षण दिवस तक भी अनुपस्थित पाए गए। आदेश में कहा गया है कि शिक्षक का यह कृत्य अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरतोरी, विकासखंड बिल्हा जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।